Selected

Original Text
Suhel Khan and Saifur Nadwi

Available Translations

29 Al-`Ankabūt ٱلْعَنْكَبُوت

< Previous   69 Āyah   The Spider      Next >  

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

29:5 مَن كَانَ يَرْجُوا۟ لِقَآءَ ٱللَّهِ فَإِنَّ أَجَلَ ٱللَّهِ لَـَٔاتٍ ۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ
29:5 जो शख्स ख़ुदा से मिलने (क़यामत के आने) की उम्मीद रखता है तो (समझ रखे कि) ख़ुदा की (मुक़र्रर की हुई) मीयाद ज़रुर आने वाली है और वह (सबकी) सुनता (और) जानता है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)