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Farooq Khan and Ahmed

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96 Al-`Alaq ٱلْعَلَق

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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

96:13 أَرَءَيْتَ إِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰٓ
96:13 तुम्हारा क्या विचार है? यदि उस (रोकनेवाले) ने झुठलाया और मुँह मोड़ा (तो उसके बुरा होने में क्या संदेह है) - - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)