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Farooq Khan and Ahmed

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103 Al-`Aşr ٱلْعَصْر

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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

103:1 وَٱلْعَصْرِ
103:1 गवाह है गुज़रता समय, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

103:2 إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لَفِى خُسْرٍ
103:2 कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

103:3 إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلصَّبْرِ
103:3 सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)