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Suhel Khan and Saifur Nadwi

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88 Al-Ghāshiyah ٱلْغَاشِيَة

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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

88:1 هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْغَـٰشِيَةِ
88:1 भला तुमको ढाँप लेने वाली मुसीबत (क़यामत) का हाल मालुम हुआ है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:2 وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ خَـٰشِعَةٌ
88:2 उस दिन बहुत से चेहरे ज़लील रूसवा होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:3 عَامِلَةٌ نَّاصِبَةٌ
88:3 (तौक़ व जंज़ीर से) मयक्क़त करने वाले - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:4 تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةً
88:4 थके माँदे दहकती हुई आग में दाखिल होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:5 تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ ءَانِيَةٍ
88:5 उन्हें एक खौलते हुए चशमें का पानी पिलाया जाएगा - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:6 لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ
88:6 ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:7 لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِى مِن جُوعٍ
88:7 जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:8 وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ
88:8 (और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:9 لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ
88:9 अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:10 فِى جَنَّةٍ عَالِيَةٍ
88:10 एक आलीशान बाग़ में - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:11 لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَـٰغِيَةً
88:11 वहाँ कोई लग़ो बात सुनेंगे ही नहीं - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:12 فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ
88:12 उसमें चश्में जारी होंगें - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:13 فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌ
88:13 उसमें ऊँचे ऊँचे तख्त बिछे होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:14 وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ
88:14 और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:15 وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ
88:15 और गाँव तकिए क़तार की क़तार लगे होंगे - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:16 وَزَرَابِىُّ مَبْثُوثَةٌ
88:16 और नफ़ीस मसनदे बिछी हुई - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:17 أَفَلَا يَنظُرُونَ إِلَى ٱلْإِبِلِ كَيْفَ خُلِقَتْ
88:17 तो क्या ये लोग ऊँट की तरह ग़ौर नहीं करते कि कैसा अजीब पैदा किया गया है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:18 وَإِلَى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ رُفِعَتْ
88:18 और आसमान की तरफ कि क्या बुलन्द बनाया गया है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:19 وَإِلَى ٱلْجِبَالِ كَيْفَ نُصِبَتْ
88:19 और पहाड़ों की तरफ़ कि किस तरह खड़े किए गए हैं - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:20 وَإِلَى ٱلْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْ
88:20 और ज़मीन की तरफ कि किस तरह बिछायी गयी है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:21 فَذَكِّرْ إِنَّمَآ أَنتَ مُذَكِّرٌ
88:21 तो तुम नसीहत करते रहो तुम तो बस नसीहत करने वाले हो - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:22 لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ
88:22 तुम कुछ उन पर दरोग़ा तो हो नहीं - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:23 إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ
88:23 हाँ जिसने मुँह फेर लिया - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:24 فَيُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَكْبَرَ
88:24 और न माना तो ख़ुदा उसको बहुत बड़े अज़ाब की सज़ा देगा - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:25 إِنَّ إِلَيْنَآ إِيَابَهُمْ
88:25 बेशक उनको हमारी तरफ़ लौट कर आना है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)

88:26 ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا حِسَابَهُم
88:26 फिर उनका हिसाब हमारे ज़िम्मे है - Suhel Khan and Saifur Nadwi (Hindi)