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Farooq Khan and Ahmed

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100 Al-`Ādiyāt ٱلْعَادِيَات

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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
In the name of Allah, Most Gracious, Most Merciful.

100:1 وَٱلْعَـٰدِيَـٰتِ ضَبْحًا
100:1 साक्षी है जो हाँफते-फुँकार मारते हुए दौड़ते है, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:2 فَٱلْمُورِيَـٰتِ قَدْحًا
100:2 फिर ठोकरों से चिनगारियाँ निकालते है, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:3 فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًا
100:3 फिर सुबह सवेरे धावा मारते होते है, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:4 فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًا
100:4 उसमें उठाया उन्होंने गर्द-गुबार - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:5 فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا
100:5 और इसी हाल में वे दल में जा घुसे - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:6 إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌ
100:6 निस्संदेह मनुष्य अपने रब का बड़ा अकृतज्ञ हैं, - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:7 وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌ
100:7 और निश्चय ही वह स्वयं इसपर गवाह है! - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:8 وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ
100:8 और निश्चय ही वह धन के मोह में बड़ा दृढ़ है - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:9 ۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ
100:9 तो क्या वह जानता नहीं जब उगवला लिया जाएगा तो क़ब्रों में है - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:10 وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ
100:10 और स्पष्ट अनावृत्त कर दिया जाएगा तो कुछ सीनों में है - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)

100:11 إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّخَبِيرٌۢ
100:11 निस्संदेह उनका रब उस दिन उनकी पूरी ख़बर रखता होगा - Farooq Khan and Ahmed (Hindi)